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धीरे धीरे पढिये पसंद आएगा...
👌मुसीबत में अगर मदद मांगो तो सोच कर मागना क्योंकि मुसीबत थोड़ी देर की होती है और एहसान जिंदगी भर का.....🌾🌾🌾🌾🌾🌾🌾🌾🌾🌾🌾🌾🌾
👌कल एक इन्सान रोटी मांगकर ले गया और करोड़ों कि दुआयें दे गया, पता ही नहीँ चला की, गरीब वो था की मैं.... 🌾🌾🌾🌾🌾🌾🌾🌾🌾🌾🌾🌾🌾🌾🌾
👌जिस घाव से खून नहीं निकलता, समझ लेना वो ज़ख्म किसी अपने ने ही दिया है..💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐
👌बचपन भी कमाल का था खेलते खेलते चाहें छत पर सोयें या ज़मीन पर, आँख बिस्तर पर ही खुलती थी..🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹.
👌खोए हुए हम खुद हैं, और ढूंढते भगवान को हैं...🦁🦁🦁🦁🦁🦁🦁🦁🦁🦁🦁🦁🦁🦁
👌अहंकार दिखा के किसी रिश्ते को तोड़ने से अच्छा है कि माफ़ी मांगकर वो रिश्ता निभाया जाये....🐯🐯🐯🐯🐯🐯🐯🐯🐯🐯🐯
👌जिन्दगी तेरी भी अजब परिभाषा है.. सँवर गई तो जन्नत, नहीं तो सिर्फ तमाशा है...💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥
👌खुशीयाँ तकदीर में होनी चाहिये, तस्वीर मे तो हर कोई मुस्कुराता है..🌼🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷.
👌ज़िंदगी भी वीडियो गेम सी हो गयी है एक लेवल क्रॉस करो तो अगला लेवल और मुश्किल आ जाता हैं.....🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴
👌इतनी चाहत तो लाखों रुपये पाने की भी नही होती, जितनी बचपन की तस्वीर देखकर बचपन में जाने की होती है.......🌲🌲🌲🌲🌲🌲
👌हमेशा छोटी छोटी गलतियों से बचने की कोशिश किया करो, क्योंकि इन्सान पहाड़ो से नहीं पत्थरों से ठोकर खाता है..🌳🌳🌳🌳🌳
मनुष्य का अपना क्या है ?
जन्म :-     दुसरो ने दिया
नाम  :-     दुसरो ने रखा
शिक्षा :-    दुसरो ने दी
रोजगार :- दुसरो ने दिया और
शमशान :- दुसरे ले जाएंगे
तो व्यर्थ में घमंड किस बात पर  करते है लोग 👏🌻🌺🌷🌾🍼🍷

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एक बच्चा जला देने वाली गर्मी में नंगे पैर गुलदस्ते बेच रहा था  . लोग उसमे भी मोलभाव कर रहे थे। . एक सज्जन को उसके पैर देखकर बहुत दुःख हुआ, सज्जन ने बाज़ार से नया जूता ख़रीदा और उसे देते हुए कहा "बेटा लो, ये जूता पहन लो" . लड़के ने फ़ौरन जूते निकाले और पहन लिए . उसका चेहरा ख़ुशी से दमक उठा था. वो उस सज्जन की तरफ़ पल्टा और हाथ थाम कर पूछा, "आप भगवान हैं? . "उसने घबरा कर हाथ छुड़ाया और कानों को हाथ लगा कर कहा, "नहीं बेटा, नहीं, मैं भगवान नहीं" . लड़का फिर मुस्कराया और कहा, "तो फिर ज़रूर भगवान के दोस्त होंगे, . क्योंकि मैंने कल रात भगवान से कहा था कि मुझे नऐ जूते देदें". . वो सज्जन मुस्कुरा दिया और उसके माथे को प्यार से चूमकर अपने घर की तरफ़ चल पड़ा. . अब वो सज्जन भी जान चुके थे कि भगवान का दोस्त होना कोई मुश्किल काम नहीं.. . खुशियाँ बाटने से मिलती है , मंदिर में नहीं

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